मंगलवार, 28 जनवरी 2020

हम देखेंगे

हम देखेंगे
हाँ हम देखेंगे
शाहीन बाग की नौटंकी
हम देखेंगे, जी हाँ हम देखेंगे

बहला फुसला कर लाये
कुछ भूले भटके आये
इन के पीछे छिपे हुए
सब देश द्रोहियों को
हम देखेंगे, जी हाँ हम देखेंगे

नये नहीं हैं ये सब
बस भेष बदलकर आते हैं
एवार्ड बापसी याद है तुमको
कुछ लोगों को डर लगता था
आज़ादी ली हाथों में अपने
फिर मार पीट की सड़कों पर
गाड़ी, दफ़्तर सब जला दिया
इन सबको हम देखेंगे
हाँ हम इन सबको देखेंगे

बच्चे, बूड़े, महिलाएँ हैं
सड़कों पर बैठे दुख पाते हैं
इनकी आड़ लिये बैठे हैं जो
बस ख़र्चा इनका देते हैं
वो छिप कर कब तक बैठेंगे
हम ड़ूंड निकालेंगे उनको
फिर हम देखेंगे,
जी हाँ उन सब को हम देखेंगे

देशद्रोही हैं, आतंकी हैं
स्लीपर सैल के कर्ता हैं
दुश्मन के टुकड़ों पर पलने वाले
टुकड़े करने की धमकी देते हैं
इन सब गद्दारों को हम देखेंगे, 

जी हाँ हम इन सब को देखेंगे

हम देखेंगे
जी हाँ हम देखेंगे

शनिवार, 17 अगस्त 2019

हाथ में जाओ तो जन्नत मिले
फिसल जाओ तो गमगीन हों हम
ये सारा जहां तो बस तुम्हीं से है 
फ़िज़ूल हैं बस कटपुतगी हैं हम। 

बुधवार, 14 अगस्त 2019

अंशू2.0 नाम है उसका

क्या कहूँ उसको 
अंशू य अंशू1.0

बहुत प्यारा था
गोदी बैठ जाना
काँधे चढ़ जाना 
जब मन करे जैसे
बहुत प्यार से 
हँसते ख़ुशी से
मेरे साथ रहना
खेलना प्रसन्नचित्त

उगली पकड़ चलना
कमरे से बारामदे तक
फिर सीढ़ उतरना 
मेरे घर तक आना

बोलने की शुरुवात
पहले जो सुना बोला
फिर सोचा वो बोला
जो चाहा वो बोला
कुर्सी पर बैठकर
प्यार से बतियाना

स्कूल में एडमीशन
बहुत सवाल पूछे गये
पूरा बराबर जवाब रहा
फिर पूछा पिता का नाम
मुड़कर पिता को देखा
बोला-सवाल आप से है
आप ख़ुद जवाब दें 

वो बच्चा था तब 
अब बड़ा हो गया है
सोचताथाजबमिलूँगा
उसेयाददिलाऊँगासब

शायदज़रूरतहोगीअब
उसकीएकबेटीहै
छोटीसीप्यारीसी
वहीहरकतेंकरतीहै
अपनेबापकेजैसी
यादकरातीहोगीउसे 
उसकाबचपनसभीहरकतें

ख़ुशियाँबिखेरनाहरओर
किलकारीसेघरभरना
बसयहीकामहैउसका
अंशू2.0 नामहैउसका
अंशू2.0 नामहैउसका